सइमन हेवावितारण संगठन (जिसे एस. ए. हेवावितारण संगठन के नाम से जाना जाता है) अनागारिक धर्मपाल के छोटे भाई साइमन के द्वारा उनके असामयिक निधन से पहले स्थापित किया गया। उन्होंने अपनी सारी धन-दौलत बौद्ध शैक्षिक गतिविधियों के लिए वसीयत में दी। उन गतिविधियों में त्रिपिटक को (बुद्ध के उपदेशों का प्रमुख संग्रह है, जिसमें विनयपिटक, सुत्तपिटक तथा अभिधम्मपिटक अंतर्गत हैं) जन-साधारण और बौद्ध मंदिरों के लिए उपलब्ध करवाना, भिक्षुओं के लिए ‘आवास’ (निवास-गृह) का निर्माण करना और सराहनीय कार्य एवं धार्मिक शिक्षा की विशिष्ट सेवा के लिए अनुदान का वितरण करना अंतर्गत थे। आधुनिक विद्वानों का मत है कि त्रिपिटक और पाली ग्रंथों के सिंहली में अनुवाद में उनके धन का योगदान अमूल्य था।
साइमन की वसीयत को क्रियान्वित करते हुए उनके भाई चार्ल्स, जीजा जेकब मुणसिंह और भतीजा कुमारदास मुणसिंह पाली अट्ठकथाओं के सिंहली में अनुवाद कराके प्रकाशित करने में प्रमुख बने। वे विद्योदय परिवेण के न्यासी भी थे। श्रद्धेय नायक भिक्षु सिरि धम्माराम तिस्स तथा कोलंबो के विद्योदय परिवेण कालेज के प्राध्यापक के सहायक भिक्षु मापलगम चंदजोति द्वारा संपादित ‘परमत्थदीपनी’ अथवा ‘पेतवत्थु’ की टिप्पणी और पानदुर के सिरिसद्धमोदय परिवेण के उप प्राध्यापक भिक्षु पमुणुवे बुद्धदत्त के द्वारा संपादित ‘विसूद्धिमग’ उन अनूदित पाली ग्रंथों के अंतर्गत थे, जिन्हें पहली बार मुद्रण के लिए उपलब्ध किया गया था।
अनागारिक धर्मपाल के भाई एडमंड हेवावितारण का परपोता है और महाबोधि परिषद का आजीवन सदस्य है। ‘एच. दॉन करोलिस और पुत्र’ उद्योग का पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध-निदेशक था।
अनागारिक धर्मपाल के भाई चार्लस हेवावितारण का परपोता है और महाबोधि परिषद का आजीवन सदस्य है। कुछ समय के लिए ‘एच. दॉन करोलिस और पुत्र’ उद्योग का पूर्व प्रबंध-निदेशक था। .
साइमन हेवावितारण की विधवा सोमावती हेवावितारण ने 1982 में मरने से पहले अपने पति की वसीयत का क्रियान्वयन जारी रखने के उद्देश्य से सोमावती हेवावितारण संगठन की स्थापना की। उसके साथ-साथ भगवान बुद्ध की शिक्षाओं के प्रकाशन एवं प्रसारण आदि नेक कार्यों की सहायता करना भी उसका उद्देश्य था। आज तक साइमन और सोमावती हेवावितारण की दृष्टि को जीवंत रखने के लिए सइमन हेवावितारण संगठन और सोमावती हेवावितारण संगठन परिश्रमपूर्वक काम कर रहे हैं।
अभियांत्रिकी सलाहकार और I-Vation का मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) है। उसे अभियांत्रिकी की विद्यावाचस्पति (PhD) उपाधि है।
सर्वोदय आर्थिक उद्यम विकास सेवाएँ जीटीई लिमिटेड (Gte Ltd.) का अध्यक्ष है। उसने कोलंबो विश्वविद्यालय से विज्ञान स्नातक की उपाधि प्राप्त की है और ब्रिटेन के चार्टर्ड प्रबंध संस्थान का सदस्य है।
अनागारिक धर्मपाल के भाई एडमंड हेवावितारण का परपोता है। डेटा मैनेजमेंट सर्विसस प्राइवट लिमिटेड (DMS) का प्रबंध-निदेशक है और दिवुलपिटिय राज महा विहार का न्यासी है।
संस्थापक न्यासी
न्यासी, सिलोन के उच्चतम न्यायालय के 38वें मुख्य न्यायाधीश और एशिया अपराध निवारण संस्थान का अध्यक्ष था
संस्थापक न्यासी, श्री लंका के गणतंत्र का पूर्व उत्कोच आयुक्त, YMBA का पूर्व मानद महासचिव और बाद में अध्यक्ष, अनागारिक धर्मपाल संगठन का पूर्व अध्यक्ष और नेत्रदान समाज के न्यासी-मंडल का पूर्व अध्यक्ष था।
संस्थापक न्यासी, सिलोन लोक सेवा का सदस्य और कृषि एवं भूमि मंत्रालय के अतिरिक्त स्थायी सचिव के रूप में सेवानिवृत्त अधिकारी था। वह संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (UNDP FAO) का विशेषज्ञ था और उसने सीरिया, इथियोपिया और इंडोनेशिया में सेवा की थी। श्री लंका की महाबोधि परिषद का उपाध्यक्ष भी था।