रूसी मूल की हेलेना ब्लावाट्स्की, ब्रह्मविद्या संग की संस्थापक थीं, जो उस संग के सह-संस्थापक, ओलकॉट के साथ अड्यार से श्री लंका आयी थीं। वे दोनों द्वीप के दक्षिणी गोल की बंदरगाह पर पहुँच गये और उन्होंने मुख्य भिक्षु के सामने घुटने टेकते हुए बौद्ध धर्म को स्वीकार किया था। इससे जनता के बीच में एक उल्लास का लहर दौड़ उठा, जिन्होंने अभी तक गोरों को साधारणतया केवल बौद्ध धर्म पर हमला करते हुए देखा था। जिस प्रकार दिये की लौ पतंग को आकर्षित कर लेती है, उसी प्रकार गुह्यतंत्र के संबंध में ब्लावाट्स्की के ज्ञान ने युवा डेविड हेवावितारन को आकर्षित कर लिया, जो तब तक सेंट थोमस ईसाई द्वितीय स्कूल में पढ़ाई कर रहा था। अपने संस्मरणों में वे स्मरण करते हैं कि अपनी युवावस्था के आरंभ से ही रहस्यवादी और तपस्वी जीवन की ओर उनका झुकाव था और वे अरिहंत तथा मानसिक ज्ञान से संबंधित ख़बरों की तलाश में रहते थे।
कई विवरणों से ऐसा प्रतीत होता है कि ब्लावाट्स्की ने दॉन डेविडे युवक तथा उसके अशांत मन को सम्मोहित किया था। युवा लड़के को अपने साथ भारत ले जाने की अनुमति देने के लिए उसके पिता, दॉन करोलिस राज़ी करवाने में वे समर्थ हो गयीं। मद्रास के अड्यार में भावी अनागारिक धर्मपाल को गुह्यतंत्र की दुनिया में खींचा गया था।
तत्कालीन अधिकांश बौद्ध भक्तों की तरह 20 वर्ष की उम्र में उनका भी यह मानना था कि बौद्ध धर्म तथा ब्रह्मविद्या संग की अभिरुचियाँ एक समान हैं। बाद में जब ब्लावाट्स्की की मृत्यु हो गयी, तब ये विचार बदल गये और एनी बेसेंट के ब्रह्मविद्यावाद के प्रति ओलकॉट के 'दलबदल' ने उस संग की दिशा को हिंदू धर्म की ओर बदल दिया।
अनागारिक धर्मपाल की माँ, मल्लिका हेवावितारण के बाद, निःसंदेह वह ब्लावाट्स्की ही थी, जिन्होंने अमूलता से युवा सुधारवादी धर्मपाल के चरित्र का निर्माण किया था।
For more details see:
https://blavatskyarchives.com/
https://www.gutenberg.org/ebooks/authors/search/?query=Blavatsky,+H.+P.+(Helena+Petrovna)
· Caldwell, Daniel H (2000). The esoteric world of Madame Blavatsky: insights into the life of a modern sphinx. Theosophical Pub. House. ISBN 978-0-8356-0794-0.
· Cranston, Sylvia (1993). HPB: The Extraordinary Life and Influence of Helena Blavatsky, Founder of the Modern Theosophical Movement. London: G.P. Putnam's Sons. ISBN 978-0-87477-688-1.
· Lachman, Gary (2012). Madame Blavatsky: The Mother of Modern Spirituality. New York: Jeremy P. Tarcher/Penguin. ISBN 978-1-58542-863-2.
· Meade, Marion (1980). Madame Blavatsky: The Woman Behind the Myth. New York: Putnam. ISBN 978-0-399-12376-4.